सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा सहायता और सम्मानजनक जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य संस्थागत देखभाल का विस्तार करना, आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना तथा बुजुर्गों के लिए सहायक उपकरणों तक पहुंच को बेहतर बनाना है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने जानकारी देते हुए कहा कि 2.88 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, फिजियोथेरेपी, मनोरंजन तथा दूसरी अन्य आवश्यक सहायता सुविधाओं का लाभ मिला है। ये सेवाएं उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करती हैं तथा उनके शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थागत देखरेख और सहायता बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के लिए देश भर के विभिन्न भागों में 142 नए वरिष्ठ नागरिक गृहों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इन अतिरिक्त गृहों से वृद्धजनों के लिए देखभाल और आवश्यक सहायता तक पहुंच और अधिक सुदृढ़ होगी।
सचिव ने आगे कहा कि सुगमता और आत्मनिर्भर जीवन को बढ़ावा देने के लिए 228 शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 4.91 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिला, जबकि लगभग 23.93 लाख निःशुल्क सहायक जीवन-उपकरण वितरित किए गए; इनमें गरीबी रेखा से नीचे(बीपीएल) श्रेणी और कम आय वाले वर्गों के पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चलने की छड़ियां और चश्मे शामिल थे, जो उनके चलने-फिरने, बातचीत करने और रोज़मर्रा के कामों में मदद करते हैं।
श्री पंत ने आगे कहा कि सूचना तक पहुंच को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा वरिष्ठ नागरिक कल्याण पोर्टल का शुभारंभ किया गया। यह सूचना के प्रसार के लिए एकल समाधान के रूप में कार्य करता है और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
सचिव ने कहा कि ये उपाय सुलभ देखभाल, बेहतर कल्याणकारी बुनियादी ढांचे और ऐसी सहायता के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के समर्थन के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करते हैं, जिससे वे सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जी सकें।




