टोंकखुर्द विकासखंड के देवली स्कूल में छात्राओं ने गणित की पढ़ाई में परेशानी बताई, जबकि जांच में पिछले वर्ष की कक्षाओं की किताबें वितरित नहीं होने की बात भी सामने आई। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत पहुंचे देवास कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने किताब वितरण के मामले में एसडीएम को तत्काल जांच के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवली में पाठ्यक्रम की प्रगति और शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी ली। गणित की समस्या पर उन्होंने अतिथि शिक्षक रंजना मवार से जवाब मांगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की बात कही।
खास बातें
- पिछले वर्ष की किताबें नहीं बंटने पर एसडीएम को जांच के निर्देश
- मध्याह्न भोजन स्कूल परिसर में ही बनाने को कहा गया
- सोयाबीन में पीला मोजेक और पानी की कमी की शिकायत सुनी गई
स्कूल में सफाई और पानी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। परिसर के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार की स्थिति भी देखी गई।
मध्याह्न भोजन अब स्कूल भवन में बनाने के निर्देश
निरीक्षण में पता चला कि रसोइया मध्याह्न भोजन घर पर तैयार कर रहा था। कलेक्टर ने भोजन अनिवार्य रूप से स्कूल परिसर के निर्धारित भवन में बनाने और रसोईघर की जल्द पुताई कराने को कहा।
खेत से छात्रावास तक व्यवस्थाओं की पड़ताल
स्थानीय किसानों ने पानी की कमी और सोयाबीन में पीले मोजेक की शिकायत रखी। कलेक्टर ने खेत में प्रभावित फसल देखी और संबंधित अमले को किसानों को उचित मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए।
देवली के शासकीय विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति बालक आश्रम में उन्होंने भोजन, आवास और बच्चों के लक्ष्यों की जानकारी ली। आश्रम में निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है; वहां पहुंच मार्ग के लिए पटवारी को भू-स्वामियों से चर्चा करने और भवन की पुताई कराने के निर्देश दिए गए।
खाद, छात्रावास भवन और राशन स्टॉक की जांच
चौबराधीरा की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में ई-टोकन व्यवस्था, खाद के स्टॉक और उठाव की स्थिति जांची गई। खाद का समय पर उठाव न होने पर जवाब मांगा गया और परिसर में निजी निर्माण की जांच एसडीएम को सौंपी गई। खराब हालत में मिले शासकीय सीनियर बालक छात्रावास भवन के निर्माण संबंधी रिकॉर्ड की जांच के आदेश भी दिए गए।
चौबाराधीरा की उचित मूल्य दुकान पर पीओएस मशीन के ऑनलाइन आंकड़ों का भौतिक स्टॉक से मिलान किया गया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं से गेहूं, चावल और वितरण व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद कलेक्टर ने परिसर में पौधारोपण भी किया। अब संबंधित अधिकारियों को स्कूल की किताबों, सहकारी संस्था के निर्माण और छात्रावास भवन की जांच तथा बताई गई समस्याओं पर कार्रवाई करनी है।





