स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला एवं महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री को प्रोत्साहित करने के साथ ही ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 08 एवं 09 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे से आजीविका भवन, झाबुआ में ‘आकांक्षा आजीविका हाट’ का आयोजन किया जा रहा है।

आकांक्षा आजीविका हाट में जिले के स्थानीय कलाकारों, कारीगरों एवं महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों के आकर्षक स्टॉल लगाए जाएंगे। हाट में हस्तशिल्प सामग्री, कृषि एवं जैविक उत्पाद, आभूषण एवं ज्वेलरी, जनजातीय परिधान एवं पारंपरिक वस्त्र, साज-सज्जा की सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, दाल-मसाले, बांस से निर्मित सामग्री सहित विभिन्न स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पाद खरीदारी के लिए उपलब्ध रहेंगे।

इसके साथ ही नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए त्योहारों से संबंधित सजावटी, पारंपरिक एवं उपयोगी सामग्री भी हाट में उपलब्ध रहेगी। इससे आमजन को त्योहारों के लिए स्थानीय स्तर पर निर्मित सामग्री खरीदने का अवसर मिलने के साथ स्थानीय कलाकारों, कारीगरों एवं स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए बेहतर मंच मिलेगा।

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिलेवासियों से आकांक्षा आजीविका हाट में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद केवल एक वस्तु की खरीद नहीं, बल्कि हमारे स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और महिला स्व-सहायता समूहों के हुनर एवं आजीविका को प्रोत्साहन देने की दिशा में सहभागिता है। आगामी त्योहारों की खरीदारी में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर हम ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को धरातल पर साकार कर सकते हैं।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि जिले की स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर को पहचान दिलाने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आमजन से 08 एवं 09 अक्टूबर को आकांक्षा आजीविका हाट में पहुंचकर स्थानीय उत्पाद खरीदने तथा स्थानीय कलाकारों, कारीगरों एवं स्व-सहायता समूहों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।